राज्यसभा की रचना (संगठन)

राज्यसभा संसद का द्वितीय और उच्च सदन है। इसका संगठन संघीय शासन व्यवस्था के सिद्धांत के अनुसार किया गया है।इस सदन को लोकसभा की तुलना में कम शक्तियां प्राप्त है परंतु फिर भी इसे सदन का अपना महत्व है। राज्यसभा के संगठन से संबंधित विवरण निम्न वत है- सदस्य संख्या- संविधान के अनुच्छेद 80 द्वारा …

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लोकसभा की रचना (संगठन)

लोकसभा संसद का प्रथम और लोकप्रिय तथा जनता प्रतिनिधित्व करने वाला सदन है।इसे निम्न सदन भी कहा जाता है। यह सदन संसद के दूसरे सदन राज्यसभा से अधिक शक्तिशाली है। शक्तिशाली लोकसभा के संगठन से संबंधित विवरण निम्न वत हैं- सदस्य संख्या- मूल संविधान में लोकसभा की सदस्य संख्या 500 निश्चित की गई थी। परंतु …

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भारत का राष्ट्रपति

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 52 के अनुसार भारत का एक राष्ट्रपति होगा।भारत द्वारा अपनाई गई संसदीय शासन प्रणाली में एक सरकार के समाप्त होने पर दूसरी सरकार बनने में कुछ समय लगता है। इस अंतराल के लिए कार्यपालिका के संवैधानिक प्रधान के रूप में राष्ट्रपति का पद अनिवार्य है। इस प्रकार राष्ट्रपति हमारे देश की …

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भारत में धर्म तथा समाज सुधार आंदोलन

19वी शताब्दी को विश्व के इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।यह शताब्दी बस भारत के लिए धार्मिक तथा सामाजिक पुनर्जागरण का संदेश लेकर आई थी।इस शताब्दी में भारत पराधीन था और उसका सामाजिक तथा धार्मिक जीवन तीव्र गति से नीचे गिरा रहा था।उसी समय राजा राममोहन राय दयानंद सरस्वती तथा विवेकानंद आदि ने भारतीय …

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भारत की प्रमुख नदियां

Table of Contents भारत की प्रमुख नदियांउत्तर भारत की प्रमुख नदियांगंगा क्रम की नदियांब्रह्मपुत्र क्रम की नदियांबंगाल की खाड़ी में गिरने वाली नदियांअरब सागर में गिरने वाली दक्षिण भारत की नदियांडेल्टा भारत की प्रमुख नदियां भारत की प्रमुख नदियां निम्नवत वर्गीकृत की जा सकती है- उत्तर भारत की प्रमुख नदियां उत्तरी भारत में नदियों के …

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गोलमेज सम्मेलन

प्रथम गोलमेज सम्मेलन (12 नवंबर 1930 ईस्वी) साइमन कमीशन के सुझाव के अनुसार बढ़ती समस्याओं को सुलझाने के लिए लंदन में प्रथम गोलमेज सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन 12 नवंबर 1930 ईस्वी को लंदन में किया गया।सम्मेलन की अध्यक्षता ब्रिटेन के प्रधानमंत्री रैम्जे मैकडोनाल्ड ने की। इस सम्मेलन में कुल 86 प्रतिनिधियों ने …

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प्रथम स्वतंत्रता संग्राम: कारण एवं परिणाम

भारत का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 19वीं शताब्दी के आरंभ में जब फ्रांस की क्रांति और इटली तथा जर्मनी के एकीकरण आदि घटनाओं की जानकारी भारतीयों को हुई तो उन्हें भी अपने देश को स्वतंत्र कराने के लिए तथा अंग्रेजों के शासन से मुक्ति पाने की इच्छा जाग्रत हुई। अंग्रेजों की शोषण पूर्ण तथा दमनकारी नीति …

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