Mohit Sharma

ब्रिटिश राज के अधीन भारत

सब 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के परिणाम स्वरुप भारत में कंपनी का शासन समाप्त हो गया। अब भारत का शासन बेटे सरकार ने ग्रहण किया तथा रानी विक्टोरिया को भारत की शासिका घोषित किया गया। बिट्टी सामग्री विक्टोरिया की घोषणा के अनुसार इंग्लैंड में भारत के शासन की देखरेख तथा नियंत्रण रखने के लिए …

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अंग्रेज भारत छोड़ने को विवश

अंग्रेज सरकार ने राष्ट्रीय आंदोलन को तो विफल कर दिया था, लेकिन उसे आभास हो गया था कि भविष्य में आंदोलन पुनः छोड़ सकता है।अता अंग्रेजों ने भारतीयों को प्रसन्न करने के लिए 1935 ईस्वी का अधिनियम पारित किया। इस अधिनियम के अंतर्गत- केंद्र में अखिल भारतीय संघ की कथा प्रांतों को प्रांतीय स्वायत्तता की …

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स्वतंत्र भारत की चुनौतियां एवं विकास

15 अगस्त 1947 को भारत स्वतंत्र हो गया। 14 अगस्त की मध्यरात्रि में जवाहरलाल नेहरू ने संविधान सभा में अपने एक ऐतिहासिक भाषण में कहा। रात को 12:00 बजे जब पूरा विश्व सो रहा है, तब भारत जीवन और स्वाधीनता की ओर अग्रसर है। भारत की करोड़ों जनता का सपना अब सच हो चुका था। …

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प्रथम स्वतंत्रता संग्राम- कारण एवं परिणाम

लॉर्ड डलहौजी के बाद 1856 में लॉर्ड कैनिंग भारत में अंग्रेजों का अंतिम गवर्नर जनरल था।18 से 56 तक गवर्नर जनरल ने अपनी विभिन्न नीतियों के कारण भारत पर विजय लगभग पूर्ण कर ली थी। भारत में विदेशी शासन छल बल, सैन्य बल तथा अर्थ बल का टिक हुआ था, किंतु 1757 में प्लासी युद्ध …

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भारत में कंपनी राज का प्रभाव

अंग्रेजों ने भारत के विशाल साम्राज्य पर कब्जा जमाने के बाद उस पर नियंत्रण रखने और शासन चलाने के तरीके तैयार किए। प्लासी के युद्ध 1757 ईस्वी से प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 ईस्वी की 100 वर्षों की लंबी अवधि के दौरान भारत पर कंपनी की पकड़ को बनाए रखा और सुदृढ़ करने की प्रशासनिक नीति …

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भारत में अंग्रेजी राज्य की स्थापना

अंग्रेज, फ्रांसीसी व अन्य यूरोपीय की तरह भारत में व्यापार करने के लिए आए थे, लेकिन धीरे-धीरे भारत में अपना राज्य स्थापित कर लिया। भारत में अंग्रेजी राज्य के स्थापना की कहानी इस प्रकार है लिए उन्होंने कौन-कौन से तरीके अपनाए। 18वीं शताब्दी में मुगल साम्राज्य की शक्ति क्षीण होने पर प्रांतीय एवं क्षेत्रीय शासकों …

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यूरोपीय शक्तियों का भारत आगमन

यूरोपीय शक्तियों का भारत आगमन

प्राचीन काल से ही भारत का विदेशों से संपर्क रहा है। 16 वीं शताब्दी से भारत से व्यापार करने के लिए यूरोपीय शक्तियों का भारत आगमन प्रारम्भ हुआ। जिसमें पुर्तगाली ,डच ,फ्रांसीसी और ब्रिटिश प्रमुख थे। प्रथम मार्ग फारस की खाड़ी से होता हुआ समुद्र मार्ग का जिस मार्ग से इराक तुर्की वेनिस और जिनेवा …

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Adult Education

Adult Education

At the time of independence, 86 per cent of India’s population was illiterate and as such the main focus of adult education had been on its very bottom tier I.e., imparting of ‘Basic literacy’. For the accomplishment of this objective, a series of programmes were introduction since the First plan period, the most prominent, being …

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